Wednesday, 24 July 2013

माँ

आज सुबह हमने बोसा किया खीर का,
पर माँ के हिस्से कल रात की बासी रोटी ही आई...
ये साजिश उसी की थी, पेट काट दिया खुदका,
मन रख लिया हम बच्चों का...