Wednesday, 24 July 2013

शहादत का अंजाम

क्या मिला इंक़लाब से?
क्या हुआ शहादत का अंजाम!?
तुम तो बैठे हो जन्नत में!
हमें छोड़ गए हिंदुस्तान!


- चोरी, चकारी, लूट, फसाद,
हत्या, कब्ज़ा, बलात्कार,
झूट, फरेब, भ्रष्टाचार,
सब है माफ़...
और इंक़लाब ही बना यहाँ कानून अपराध!!